Wo Baat Kahan-文本歌词

Wo Baat Kahan-文本歌词

Arhaan Hussain&Mahendra Dhirajlal Kamdar
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आरज़ू की 'इशरत में जो लज़्ज़त थी, वो मंज़िलों में कहाँ, आरज़ू की 'इशरत में जो लज़्ज़त थी, वो मंज़िलों में कहाँ, मौसम-ए-हिज्राँ में जो रंगीनियाँ थीं, वो महफ़िलों में कहाँ, आरज़ू की 'इशरत में जो लज़्ज़त थी, वो मंज़िलों में कहाँ, वादियों में हम तो ढूँडते रहें, कुछ नई बहारों को, वादियों में हम तो ढूँडते रहें, कुछ नई बहारों को, बाद-ए-सबा जो तुझे छू कर गुज़री, वो ख़ुशबूओं में कहाँ, आरज़ू की 'इशरत में जो लज़्ज़त थी, वो मंज़िलों में कहाँ, अंदाज़-ए-'आशिक़ाना रहा फ़रीद, और आश्ना के लिए, अंदाज़-ए-'आशिक़ाना रहा फ़रीद, और आश्ना के लिए, पर ला'लीं जो तेरे गालों में है, वो इन गुलों में कहाँ, आरज़ू की 'इशरत में जो लज़्ज़त थी, वो मंज़िलों में कहाँ, वैसे तो तेरे जहाँ में मिलें, बहारों के कारवाँ बहुत, वैसे तो तेरे जहाँ में मिलें, बहारों के कारवाँ बहुत, लचक जो तेरे बदन में है, वो फूलों की डालियों में कहाँ, आरज़ू की 'इशरत में जो लज़्ज़त थी, वो मंज़िलों में कहाँ, आरज़ू की 'इशरत में जो लज़्ज़त थी, वो मंज़िलों में कहाँ, मौसम-ए-हिज्राँ में जो रंगीनियाँ थीं, वो महफ़िलों में कहाँ, आरज़ू की 'इशरत में जो लज़्ज़त थी, वो मंज़िलों में कहाँ,