देखो देखो साजना यहाँ उड़ती रंगीनियाँ जहाँ जहाँ है तेरी बातों ने हैं मुझे छू लिया संभल के जा रहा था मैं तन्हा-तन्हा की तभी तेरी हँसी से बिखरी यहाँ लाखों तितलियाँ हाँ, मैं यहाँ, तू यहाँ अब बसता तुझमें मेरा सारा जहाँ हाँ, मैं यहाँ, तू यहाँ कोई ढूँढे भी ना मिले घरोंदा बना ये आसमां मेरे जानां, जानेजाना, मेरे हमदम मेहरमां ×3 डरी-डरी मेरी थी रातें दबी-दबी दिली आवाज़ें लगा कि दुनिया से मैं हूँ दूर... तूने छूआ, तुझे जो पाया आया नए जहाँ में आया हुस्न ही क्या दिल की भी तू हूर मजबूर हूँ ज़रूर है मेरा मन बंधा तेरी डोर पर हर आज़ादी से बेहतर तेरी जी-हुजूरी में मंज़ूर... मेरे जानां, जानेजाना, मेरे हमदम मेहरमां ×3