छोड़ के तू मझधार में गईलू ना जिया के गईलू, ना मुआ के गईलू जिए मरे के कसम भी खा के आपन हाथ छोड़ा के गईलू, आपन हाथ छोड़ा के गईलू मुखड़ा, एहसास ना तोहके दर्द के बा, की जान के भी मुंह फेर गईलू चारु ओर आवेलु तूही नजर, महसूस होला तू पास बाडु इरादा ना मालूम रहे, तू करबू दगा, तू करबू दगा इरादा ना मालूम रहे, तू करबू दगा, तू करबू दगा अंतरा 01 बिस्वास के हमरी तोड़ के तू, बहुते हमके तड़पईलू हो तनिको तू अपनी कईला प, कबहू नाही पछतईलू हो ना जिए के आधार बचल, लागे याद हम मरजाइब हो जब जब तोहार याद आवे, ई अंखियन से बरसात हो ना भवाल तोहके बेवफा तू कईलु दगा, तू कईलु दगा, अंतरा 02 पत्थर के मूरत बन गईनी, दिल तड़प तड़प के रोए हो सब ओर खाली अंधियार दिखे, अंखियां बस उनके जोहे हो राजन अब किस्मत फुट गईल, किस्मत भी हमसे रूठ गइल ना कर सकली ऊ वफ़ा ना भवाल तोहके बेवफा तू कईलु दगा, तू कईलु दगा