सब टूट चुकी है आश उम्मीदें टूट चुके हैं सपने दुनिया ने ठुकराया बाबा छोड़ गए मेरे अपने मैं डूब रहा विपदा में तेरे होते सांवरिया मैं तुझको ये ही पुकारूं रोते रोते सांवरिया मझधार में दिखा किनारा तू मेरे खाटू वाले मेरी हार में बना सहारा तू मेरे खाटू वाले इस दास का पालनहारा तू मेरे खाटू वाले शीश के दानी के चरणों में झुकता मेरा शीश छोड़ दिया इस जग को तेरे हवाले ए जगदीश बिन बोले मन की जाने हे नाथ, तू अन्तर्यामी हे तीन बाण के धारी तू तीन लोक का स्वामी मैं दर- दर से फटकारा हूं मेरे खाटू वाले मेरी हार में बना सहारा तू मेरे खाटू वाले इस दास का पालनहारा तू मेरे खाटू वाले जब से तिलक लगी माथे पर धूल तेरे चौखट की आशाओं को मिला आसरा, रही जो दर दर भटकी मैंने जो मांगा वो पाया आके शरण में श्यामधणी के मैं अपनी उम्र बिता दूं अब चरण में श्यामधणी के मैं बालक तारणहारा तू मेरे खाटू वाले