चमके चाँदनी के तारे, सपनों से भरे नज़ारे। आओ संग बैठें पास, सुनें दिल का मधुर राग। हवा में गूँजे सुगंध, मन से निकले कोई बंद। चाँद कहे यह रात है अपनी, दिल की धरती, राग है सजी। नदी के किनारे, झील के किनारे, चमकते तारों के सारे सहारे। तेरी हँसी से रोशन हो जहाँ, दिल से दिल तक बहे अरमान। तारों की चमक ये कहे, रात में छिपे ख्वाब रहे। साँसों की लय संग बजे, मधुर बांसुरी जैसे बजे। चमके चाँदनी के तारे, सपनों से भरे नज़ारे। आओ संग चलें उस पार, जहाँ प्रेम हो अपार। तेरे संग यह पल सुहाना, दिल से लिख दूँ नया फ़साना। सुर लय ताल में खो जाएं, यह रात हमारी हो जाए। दिल की बात सुनो ज़रा, छुपे खज़ाने खोलो ज़रा। प्यार का रंग भरें जहाँ, हर कदम बने गीत यहाँ। चमके चाँदनी के तारे, सपनों से भरे नज़ारे। पलकों में बसे हैं ये पल, संग में जिएं हर इक कल।