जिस दिन थामा हाथ मेरा, मेरे दुखों का बोझ लिया
उस दिन से तुझपर शंभु, सब कुछ अपना सोप दिया
तेरे सिवा ना इस जग में शंभु
मेरी कोई ना परवाह करे
अब तुझसे ही सारे रिश्ते नाते
हा तुझे ही अपना कहे
शंभु तुझपे है पूरा यक़ीन
तू साथ ना छोड़ेगा कभी २
तू है तो फिर काहे की कमी
मेरे साथ मेरे भोलेनाथ जी
माफ़ करना तेरे काबिल बन ना सका में शंभु
लाख कमी है मुझमें भोले पूरी कर दे ना अब तू
महाकाल में तो ठेहरा पगल
हा अब तू ही मुझे सँभाले
सच कहते है साधु जोगी
शिव तू है सर्वव्यापी
शंभु तुझपे है पूरा यक़ीन
तू साथ ना छोड़ेगा कभी