अहिंसा का मार्ग (Ahimsa Ka Marg)
(पहला पद)
मेरे विचारों में, केवल प्रेम है,
मेरी बातें हमेशा शांति से भरी होंगी।
हर कार्य में, एक चुनाव किया,
अहिंसा मुझे मार्गदर्शन करती है, मेरी आत्मा पूर्ण है।
(प्री-कोरस)
स्वच्छ हृदय से, मैं आगे देखता हूं,
हर प्राणी की अपनी अहमियत है, कोई भी नहीं है जैसे वह है।
नफरत या दुख का कोई स्थान नहीं,
सिर्फ प्रेम है, और सम्मान खिल रहा है।
(कोरस)
अहिंसा, मौन और क्रिया में,
करुणा से, हम निर्माण करेंगे।
प्रकाश विचार, शांति शब्द,
अहिंसा के मार्ग में, सद्भाव लाती है।
(दूसरा पद)
मुलायम हवाओं में, मैं गीत सुनता हूं,
प्राणियों की जो मुक्ति की खोज करते हैं।
सितारों की चमक में, मैं सत्य देखता हूं,
कि हर प्राणी में दिव्यता बसी है।
(पुल)
लड़ाई या युद्ध की कोई आवश्यकता नहीं,
धरती की शक्ति से दुनिया ठीक होती है।
हर आत्मा में, चमकने की क्षमता है,
अहिंसा ही मार्ग है, जिस पर हमें चलना चाहिए।
(कोरस)
अहिंसा, मौन और क्रिया में,
करुणा से, हम निर्माण करेंगे।
प्रकाश विचार, शांति शब्द,
अहिंसा के मार्ग में, सद्भाव लाती है।
(अंत)
और जब प्रेम हर कदम का मार्गदर्शक बनता है,
शांति हर गले में खिलती है।
अहिंसा, हमारा सत्य होगा,
प्रेम में एकजुट होकर, दुनिया चमक उठेगी।