तुम्हारे बिना ये दुनिया अधूरी,
जैसे ख्वाब बिना कोई तसवीर पूरी।
हर साँस में तुम, हर याद में तुम,
दिल की धड़कन में बसती हो तुम।
तुम बिन कैसे जियें, कैसे सहें ये दूरी,
तुम हो तो हर पल में मिठास सी ज़रूरी।
तुम ही तो हो, मेरे दिल का सहारा,
तेरे बिना, लगता है सब कुछ ही हारा।
सूरज की किरण हो, चांदनी की बाती,
तेरे साथ ही मेरा हर दिन सुहाती।
तुम बिन कैसे जियें, कैसे सहें ये दूरी,
तुम हो तो हर पल में मिठास सी ज़रूरी।
सपनों में तुमसे मुलाकात होती,
हर एक बात बस तुझसे ही होती।
तेरा नाम मेरी हर धुन में बसा,
तुम हो तो लगता है पूरा ये जहां।
तेरा साथ ही तो मेरी रोशनी है,
तेरे बिना हर चीज़ अधूरी सी है।
दिल को सुकून और जान को चैन,
तुझसे है जुड़ी मेरी हर एक रैन।
तुम बिन कैसे जियें, कैसे सहें ये दूरी,
तुम हो तो हर पल में मिठास सी ज़रूरी।
आओ चलें, प्यार के रास्तों पर,
दूरियां मिटा दें, दिल की बातों से।
साथ हो तुम्हारा, और दुनिया अपनी,
तुम्हारे बिना, अधूरी ये कहानी।